पीडीडीयू नगर। कोतवाली क्षेत्र के कसाब महाल मोहल्ले में कोटे की दुकान निरस्त कर दिए जाने से अवसादग्रस्त चल रहे कोटेदार ने सोमवार की दोपहर छत की कड़ी में दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अधेड़ कोटेदार के फांसी के फंदे से झूल जाने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ वहां जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मोहल्ला निवासी राजेश पाल उर्फ छोटा मुन्नू (54) मानस नगर में कोटे की दुकान चलाते थे। किसी कारणवश उनकी कोटे की दुकान 22 दिसंबर वर्ष 2017 को निरस्त कर किसी और को आवंटित कर दी गई थी। बताया जाता है कि तभी से वे अवसाद में चल रहे थे। घटना के दिन उनका पुत्र तनिष्क (17) वाराणसी गया था। दोपहर के एक बजे के करीब उनकी पत्नी गीता पाल खाना खाने चली गई। राजेश घर के एक कमरे में बिस्तर पर आराम करने लगे। खाना खाने के बाद गीता कमरे में आई तो उसके होश उड़ गए। राजेश का शव छत की कड़ी में लगाए गए दुपट्टे से झूल रहा था। यह देख गीता ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी चीख पुकार सुन उसी घर में रह रहे राजेश के भाई वहां पहुंच गए। कुछ ही देर में घर पर मोहल्ले के लोगों की भीड़ जुट गई। इस बीच किसी ने इसकी सूचना लगभग 50 मीटर दूर कूड़ा बाजार पुलिस चौकी को दे दी। सूचना मिलने पर पुत्र तनिष्क सहित अन्य रिश्तेदार भी वहां पहुंच गए। सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। सीओ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कोटेदार की मौत के असली कारणों की जानकारी हो पाएगी।