धानापुर। थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में बुधवार की देर शाम को दो पक्षों के बीच हुए विवाद के मामले में पुलिस ने एक पक्ष से ग्राम प्रधान एवं धानापुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सहित सात लोगों के खिलाफ एससीएसटी और दूसरे पक्ष से एक अधिवक्ता के विरुद्ध तोड़फोड़ एवं छिनैती का केस दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल कर रही है। अभी इस मामले में पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। अधिवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से नाराज होकर अन्य अधिवक्ताओं ने गुरुवार को थाना गेट पर धरना प्रदर्शन किया। दरअसल ग्राम प्रधान राजेश सिंह गांव में रास्ते पर इंटरलॉकिंग एवं नाली निर्माण का कार्य करा रहे थे। इस दौरान राजगीर ने बांस लगाकर रास्ता बन्द कर दिया था। तभी गांव के ही निवासी अधिवक्ता शिवपूजन राम कचहरी से लौटकर आ गए। बांस हटाने को लेकर प्रधान के साथ उलझ गए। लेकिन उस वक्त ग्रामीणों ने दोनो पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया। ग्राम प्रधान का आरोप है कि बाद में अधिवक्ता ग्राम प्रधान के घर पहुंच गए, गालियां देते हुए उनकी बाईक और खिड़की के शीशे को ईंटा से मारकर तोड़ दिया। तभी ग्राम प्रधान भी पहुंच गए और दोनों के बीच मारपीट होने लगी। मारपीट में अधिवक्ता और प्रधान को चोटें भी आईं हैं। अधिवक्ता का कहना है कि उनका पहले से भी ग्राम प्रधान से दो अलग अलग मुकदमा चल रहा है। इस लिए आज भी उन्होंने मेरे साथ रंजिश वश मारपीट किया है। जबकि ग्राम प्रधान राजेश सिंह का कहना है कि अधिवक्ता नशे में धुत थे। और अनायास ही मेरे घर पर आकर तोड़ फोड़ करने लगे। इस मामले में पुलिस ने अधिवक्ता की तहरीर पर ग्राम प्रधान राजेश सिंह, उनके पिता सिपाही सिंह, भाई मदन सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विश्वनाथ सिंह, उनके पुत्र जितेंद्र सिंह पट्टीदार जगदीश सिंह, चंद्रदेव सिंह सहित सात लोगों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति के तहत नामजद केस दर्ज कराया। वहीं दूसरी तरफ ग्राम प्रधान की तहरीर पर पुलिस ने अधिवक्ता शिवपूजन राम के विरुद्ध नामजद केस दर्ज कर जांच में जुट गई है। सीओ त्रिपुरारी पांडेय का कहना है कि तहरीर के आधार पर दोनों पक्षों का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।