नियामताबाद। अलीनगर थाना क्षेत्र गौरेया गांव निवासी 16 वर्षीय छात्र सुनील ने पिता की आदतों से तंग आकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार की सुबह का उसका शव गांव स्थित बिजली टावर पर गमछे के सहारे लटका हुआ मिला। मरने से पूर्व सुनील ने टावर के ग्रिल पर सुसाईड नोट लिखा था। जिसमें उसने मां और दादा से माफी मांगते हुए पिता के व्यवहार को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया था। घटना के बाद से पिता फरार है। किशोर ने लिखा था कि उसके पिता नशे में धुत होकर उसकी मां और दादा को प्रताड़ित करते थे और मारते थे। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया और आगे की कार्रवाई में जुट गई।
गौरइया गांव निवासी लक्ष्मण बनवासी के दो पुत्र राजेंद्र और जितेंद्र है। राजेंद्र ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। शुक्रवार की रात राजेंद्र नशे में धुत होकर घर पहुंचा और अपनी पत्नी हीरावती से मछली बनाने के लिए कहा। जिसपर हीरावती ने मछली बनाने से इंकार कर दी। इससे नाराज होकर राजेंद्र ने अपनी पत्नी की पिटाई शुरू कर दी। इस बीच हीरावती को बचाने के लिए राजेंद्र के वृद्ध पिता लक्ष्मण बनवासी पहुंचे तो उसने उनके सिर पर लाठी से वार कर दिया। जिससे लक्ष्मण लहूलुहान होकर वही गिर पड़ा। दादा को लहूलुहान होकर राजेंद्र के बड़े पुत्र सुनील ने विरोध जताया। जिसपर राजेंद्र ने उसकी भी पिटाई कर दी। इससे नाराज होकर सुनील रात में ही घर से निकल गया। शनिवार की सुबह बिजली टावर से उसका शव गमछे के सहारे लटका हुआ मिला। मरने से पूर्व उसने मिट्टी गिली कर टावर के ग्रिल पर अपने मां और दादा से माफी मांगी थी। वहीं पिता के व्यवहार को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को टावर से नीचे उतारा और आवश्यक कार्रवाई के पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। वहीं मृतक की मां से मिली तहरीर के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई में जटी गई है।