चंदौली। पशु तस्करी का खेल काफी गहरा है। पश्चिमी यूपी से लेकर बिहार बार्डर पर मजबूत नेटवर्क के चलते पुलिस भी इस नेटवर्क को नहीं तोड़ पा रही है। नतीजा है कि इलिया में असमय एक परिवार काल के गाल में समा गया। सूत्रों का कहना है कि पुलिस और पशु तस्करों के गठजोड़ में धड़ल्ले से खेल जारी है और जिले की सीमा से सटे होने के कारण पशु तस्कर जिले को पार कराने के बदले तय रकम का भुगतान करते हैं। यूपी के इटावा से संचालित होने वाले नेटवर्क के तार इतने मजबूत है कि और सबकी हिस्सेेदारी तय है।
पशु तस्करी के काले कारोबार का संचालन पश्चिमी यूपी से होता है। इस अवैध करोबार के नेटवर्क से तमाम लोग जुड़े हैं। लेकिन अपनी पहुंच और रसूख की बदौलत ऐसे गिरोह हमेशा मजबूत रहे हैं। इस काले कारोबार बढ़ावा देने में खाकी और सफेदपोशों का भी हाथ माना जा रहा है। हाल फिलहाल में प्रदेश सरकार की ओर से पशु तस्कारी पर रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश जारी करने के बाद भी अभी तक कोई असर नहीं दिखा है। आए दिन जिले से गुजरने वाली एनएच दो से जाने अनजाने में एक दर्जन से अधिक पशु लदे वाहन पार हो रहे हैं। इस हादसे की वजह पुलिस भले ही दुर्घटना मान रही हो, पर यह सच नहीं है।
चंदौली। जनपद में पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर एक वर्ष में 257 लोगों को जेल भेज चुकी है। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में 145 मुकदमें भी दर्ज हुए है। पुलिस ने एक वर्ष में 15 सौ से अधिक पशुओं को तस्करों से मुक्त कराया है और 141 वाहनों को भी जब्त किया है। वहीं 68 के खिलाफ गैंगेस्टर की भी कार्रवाई हुई है। ब्यूरो