इलिया। न्यायालय के स्थगनादेश के बावजूद थाना क्षेत्र के बरांव गांव में विवादित भूमि पर निर्माण कराते पाए जाने पर एसडीएम के निर्देश पर शनिवार को पुलिस ने गांव के कुंभकरण के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। गांव के सुदामा सिंह ने उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी द्वारा भवन निर्माण किये जाने की शिकायत की थी। इसपर उपजिलाधिकारी दीप्तिदेव यादव ने थानाध्यक्ष एन पी सिंह को न्यायालय के आदेश का अनुपालन कर मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया था। थानाध्यक्ष एनपी सिंह ने बताया कि न्यायालय द्वारा विचाराधीन भूमि पर निर्माण किया जाना असंवैधानिक है। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
वहीं कुंभकर्ण के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने की खबर सुनने के बाद भाकपा माले ने कस्बा में प्रतिवाद मार्च निकाला। उनका आरोप था कि स्थगनादेश की कॉपी देने के बहाने थाने में बुलाकर कुंभकर्ण के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया है। प्रतिवाद मार्च थाना भवन के मुख्य गेट पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
यहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि लगभग 25 वर्ष पहले कुंभकर्ण राम सहित कुल 12 दलितों को बरांव गांव के आराजी संख्या 304 में ग्राम सभा की जमीन में आवासीय पट्टा दिया गया था। उक्त भूमि पर तत्कालीन उपजिलाधिकारी की मौजूदगी में कब्जा दिलाया गया। वर्ष 2016 एक बार फिर से पैमाइश हुई। इसमें भी फैसला कुंभकर्ण के पक्ष में हुुआ। प्रतिवाद मार्च में शशिकांत कुशवाहा, अनिल पासवान, किस्मत यादव, शशिकांत सिंह, श्रवण मौर्य, मिठाई लाल बिंद, रमेश राय, मुंशी राय, सिराती देवी, श्यामलाल पाल, कतवारू बनवासी, राम भजन राम शामिल रहे। अध्यक्षता रामकिशुन पाल ने व संचालन रामायण राम ने किया।