बलुआ गंगा घाट पर बढ़ता गंगा का जलस्तर। संवाद
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चहनियां। गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से जल स्तर में बढोत्तरी हो रही है। शनिवार को बलुआ स्थित पश्चिमवाहिनी गंगा तट पर मंदिर और घाट की सीढ़ियों के बाद श्मशान घाट डूब गया। यदि पिछले दस दिनों में गंगा का जल स्तर 18 फीट से अधिक बढ़ गया है। हालांकि अभी जल स्तर खतरे के निशान से बहुत नीचे हैं लेकिन यदि इसी रफ्तार से जल स्तर में बढोत्तरी होती रही तो बहुत जल्द तटवर्ती इलाकों के लोगों को बाढ़ की समस्या झेलनी होगी।तटवर्ती गांव कांवर, महुअरिया, बिसुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवा, महुअर कला, हरधन जुड़ा, बिजयी के पूरा, गणेश पूरा, टाण्डाकला, बड़गांवा, तीरगांवा, हसनपुर, नादी निधौरा आदि गांवो के किसानों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है।
सकलडीहा। गंगा में तेजी से जलस्तर में वृद्धि होने से तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मडराने लगा है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन बाढ़ को लेकर मौन साधे हुए है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों में आक्रोश दिख रहा है।
पिछले वर्ष गंगा के जलस्तर में वृद्धि से तहसील के 75 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इस दौरान दो नोडल बाढ़ चौकी के साथ एक दर्जन बाढ़ शरणालय केंद्र बनाए गए। राजस्व विभाग के साथ अन्य विभाग की अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गई। मछुआरों से मिलकर छोटी नाव और बड़ी नॉव की व्यवस्था की गई। इस वर्ष भी जिस तेजी से गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। जल्द ही गांवों में पानी भर सकता है। इस संबंध में एसडीएम मनोज पाठक ने बताया कि बाढ़ को लेकर पूरी तरह तहसील प्रशासन सतर्क है।
गंगा में बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट मूड में है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर सीओ अनिरूद्ध सिंह बलुआ थानाध्यक्ष व पुलिस कर्मियों के साथ बलुआ पुल और तटवर्ती इलाकों में पहुंचकर जांच पड़ताल किया। पुलिस कर्मियों को क्षेत्र में भ्रमणशील रहने का निर्देश दिया।