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कोरोना ने कपड़े के व्यवसाय को किया चौपट

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पीडीडीयू नगर। कोरोना संक्रमण काल में लॉक-अनलॉक के बीच व्यापारियों की कमर टूट गई है। संक्रमण के भय से दुकानों पर खरीदारों की कमी है। इस बीच त्योहारों पर ग्राहकों की उम्मीद लगाए बैठे कपड़ा व्यवसायी निराश हो चुके है। जिला प्रशासन की ओर से बाजारों को खोलने की भले ही छूट दे दी हो लेकिन दुकानों पर ग्राहकों की संख्या काफी कम है। चार माह से अधिक समय में जिले में लगभग दो करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए 25 मार्च को लॉकडाउन किया गया था। जो की 21 दिनों का रहा। इसके बाद लॉकडाउन की समयावधि बढ़ा दी गई। इस दौरान शादी-विवाह का सीजन बीत गया। कुछ समय बाद लॉकडाउन में ढील दी गई लेकिन बाजार ने जोर नहीं पकड़ा। कपड़ा व्यवसाय से जुड़े दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। चकिया के व्यवसायी प्रीतम कुमार जायसवाल ने कहा कि लॉकडाउन के बाद आड इवेन के तहत दुकान खोलने की छूट तो दी गई है। लेकिन रक्षाबंधन तथा बकरीद जैसे त्योहारों पर भी ग्राहक नहीं है। कुछ लोग दुकानों पर आ तो रहे है लेकिन खरीदारी नहीं कर रहे है। कैलाश प्रसाद ने कहा कि कोरोना संक्रमण ने व्यवसाय को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ बैंकों से लिए गए लोन व्यापारियों पर भारी पड़ रहे है। सैयदराजा के कपड़ा व्यवसायी जुनेद अंसारी ने कहा कि हर वर्ष सीजन के बदलने के साथ ही कपड़े मंगवाए जाते थे। इस बार बिक्री नहीं होने से नया स्टॉक मगंवाने की के लिए काफी समस्या हो रही है। बड़े व्यापारी नगद भुगतान के माल दे रहे है जबकि बाजार में ग्राहक ही नहीं है। राघवेंद्र सिंह काका ने कहा कि कोरोना ने पूर्व वर्ष की बिक्री को प्रभावित किया है। अगर हालात यही रहे तो व्यापारी बैंकों के कर्जे तक नहीं चुका पाएंगे।
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