फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से कोयला का करोड़ों का कारोबार प्रभावित

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। कोरोना के दूसरे लहर ने कोयला व्यापार पर भी अपना कहर बरपा दिया है। पूर्वांचल की सबसे बड़ी चंदासी कोल मंडी में रोजाना होने वाला करोड़ों रुपये का कारोबार कोरोना की वजह से प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि कोल मंडी में पिछले दस दिनों से 400 कोयला लदी ट्रकें खड़ी हैं पर उनको खरीदने वाले खरीदार कोरोना की वजह से नहीं आ पा रहे हैं। वहीं मंडी में 50-60 कोल व्यवसायी और मुंशी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। जिससे हड़कंप की स्थिति है। रोजाना सैकड़ों लेबर घर जा रहे हैं। 90 फीसद गद्दी बंद हो चुकी है। कोल व्यवसायी हताश हो चुके हैं। चंदासी स्थित कोल मंडी पूर्वांचल की सबसे बड़ी देश की महत्वपूर्ण कोल मंडी है। यहां से कोयला हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और नेपाल तक जाता है। आम दिनों में रोजाना पांच सौ से सात सौ ट्रकें कोल मंडी से कोयला लादकर विभिन्न राज्यों में जाती हैं। कोल मंडी में पांच हजार रजिस्टर्ड कोल व्यवसायी कोयले का कारोबार करते हैं। पिछले वर्ष कोरोना काल में भी कोल मंडी का पूरा कारोबार चौपट हो गया था। लॉकडाउन खुलने के बाद कोल व्यापारियों को आशा थी कि व्यवसाय फिर से ऊंचाई प्राप्त करेगा पर कोरोना की दूसरी लहर ने उनके आशा और उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है। कोल मंडी के 50-60 कोल व्यवसायी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। जिसके बाद पांच हजार में से इस समय मात्र 40-50 व्यवसायी ही मंडी में मौजूद हैं बाकि सभी अपनी गद्दी बंद कर चले गए हैं। कोयला मंडी में दो हजार के करीब लेबर हैं। कोरोना के दहशत के बाद रोजाना सैकड़ों लेबर घर पलायन कर रहे हैं। जिससे अभी कोयला मंडी में सौ लेबर भी नहीं बचे हैं। लेबर न होने से ट्रकों पर पे-लोडर के माध्यम से कोयला लादा जा रहा है। कोल मंडी के व्यवसायियों के अनुसार कोरोना के दूसरे लहर में अभी से मंडी का 90 फीसदी काम बंद हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें