चहनियां। भले ही मौसम विज्ञानियों ने मानसून के समाप्ति की घोषणा कर दी हो लेकिन गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोत्तरी जारी है। शनिवार को भी प्रतिघंटे एक सेमी के रफ्तार से गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। पश्चिमवाहिनी गंगा तट बलुआ में घाट की सीढ़ियां डूब गई हैं। वहीं शवदाह गृह तक गंगा का जल पहुंच गया है। तेजी से जल स्तर में बढ़ोत्तरी से तटवर्ती इलाके के किसानों में बेचैनी बढ़ने लगी है।
पिछले एक सप्ताह से गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी का सिलसिला जारी है। शनिवार को बलुआ गंगा घाट पर श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया है। हालांकि अभी भी गंगा का पानी खतरे के निशान से चार मीटर नीचे है लेकिन जिस तेजी से जल स्तर में बढोत्तरी हो रही है। गगां तटवर्ती भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, बिसुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुरा विजयी, पूरा गणेश, चकरा, हरधन जूड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगांवा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि गांवों के किसानों का कहना है कि एक माह पहले गंगा का पानी तटवर्ती गांवों के खेतों तक पहुंच गया था। इससे खेतों में उगी सब्जियां और हरा चारा डूब गया था। अब एक बार फिर गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। इससे खेतों की फसल बर्बाद हो सकती है।