नौगढ़। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को नक्सल प्रभावित इलाके में पहुंच कर वनवासियों से वार्ता कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि निर्धन लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। इसके पूर्व उन्होंने वनवासियों को वनाधिकार का पट्टा वितरित किया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित स्वास्थ्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बाद में अमदहां में पहुंच कर जनचौपाल में वनवासियों की समस्याएं सुनीं।
राज्यपाल 11 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। यहां प्रदर्शनी और सम्मान समारोह का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने 14 लाभार्थियों को वनाधिकार प्रमाणपत्र सौंपा। इसके बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी, नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी संस्थान के कुलपति डॉ. विजेेंद्र सिंह और रामनगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रमेश चौधरी व जिलाधिकारी संजीव कुमार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं 19 क्षय रोगियों को पोषण किट, 10 महिला लाभार्थियों को साड़ी, 150 रेडक्रॉस सोसाइटी के लाभार्थियों को किट वितरण तथा आयुष्मान गोल्डन कार्ड के लाभार्थियों को कार्ड वितरित किया। उन्होंने पंचायती राज विभाग, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उद्यान विभाग, एक जनपद एक उत्पाद, कृषि विभाग, स्वयं सहायता समूह की ओर से लगाए गए स्टाल को देखा। इसके पहले उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर दवा वितरण, प्रसव कक्ष, पूर्व प्रसव कक्ष, आपरेशन कक्ष का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य समस्याओं को पूछा और केंद्र की ओर से मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं की उपलब्धता की जानकारी भी ली। राज्यपाल ने भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों को शिशुओं और माता के उचित पोषण के लिए सचेत किया। इस मौके पर हुई सभा में राज्यपाल ने कहा कि समाज के कमजोर पीड़ित एवं निर्धन लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जन सहभागिता के साथ कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने चंदौली जिले को क्षय रोग मुक्त बनाने के लिए सभी ग्राम प्रधानों का आह्वान किया। इस मौके पर मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल, चकिया विधायक कैलाश आचार्य सहित अन्य रहे। संचालन मुख्य विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह नारायण ने किया।
सुरक्षा में चूक: राज्यपाल की चौपाल में गिरा बिजली का खंभा
नौगढ़। अमदहां माध्यमिक विद्यालय पर बुधवार को आयोजित चौपाल में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के आगमन से पहले सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक सामने आई। दोपहर चार बजे मुख्य द्वार पर लगा बिजली का खंभा अचानक गिर गया। इससे वहां भगदड़ मच गई। हालांकि किसी को चोट नहीं आई। संवाद
सभा स्थल पर दो महिलाएं हुई बेहोश
नौगढ़। राज्यपाल को देखने आईं दो महिलाएं सभा स्थल पर ही बेहोश हो गईं। डॉक्टरों ने आनन-फानन में उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। बता दें कि रिठीया गांव की मुराती (65) तथा जरहर गांव के विजय कुमार की पत्नी चंदा (25) सुबह सात बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं थीं। उन्हें आशा वर्कर साड़ी अनाज वितरण होने की बात बता कर ले आईं थीं। महामहिम के आने के बाद अचानक दोनों महिलाएं बेहोश होकर कुर्सी से गिर गईं।
राज्यपाल ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की
मां बनकर स्वस्थ रहने के तरीके समझाए
आठ आंगनबाड़ी केंद्रों को लिया गोद
संवाद न्यूज एजेंसी
नौगढ़(चंदौली)। प्रदेश की राज्यपाल आनंदबेन पटेल बुधवार को आंगनबाड़ी केंद्र अमदहां चरनपुर में अलग ही रूप में नजर आईं। पांच महिलाओं की गोदभराई करते हुए पूरी तरह मां के रूप में नजर्र आईं। उन्होंने महिलाओं को स्वस्थ रहने के तरीके समझाए। वहीं परिषदीय विद्यालय में बच्चों को शिक्षा सहायक सामग्री वितरित की। इसके पूर्व राज्यपाल ने आठ आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने की घोषणा की। वहीं मझगांई स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में राज्यपाल पहुंचीं तो किशोरियों की सहेली बन कर खूब बातें कीं।
सीएचसी नौगढ़ में सभा के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आंगनबाड़ी केंद्र अमदहां चरनपुर पहुंचीं। यहां गांव की प्रधान अंजू यादव ने फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। यहां उन्होंने परिषदीय स्कूल तथा स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं का हुनर भी देखा। इस दौरान उन्होंने इलाके के देवखत, सोनवार, बाघी, डुमरिया, मझगांई, अमृतपुर प्रथम, द्वितीय, तेंदुआ मजगावा द्वितीय सहित आठ आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने घोषणा की।
इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय अमदहां के कक्षा एक के बच्चों के लिए स्केचबुक, विज्ञान, गणित और हिंदी के नोटबुक सहित स्टेशनरी का 15 सेट हेड मास्टर नीरज सिंह को प्रदान किया। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से पांच बच्चों का अन्नप्राशन किया वहीं पांच गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की, 10 किशोरियों को पोषण किट दिया। इसके बाद राज्यपाल कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मझगांई में बालिकाओं से पूछा क्या पढ़ रही हो, साथ ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। छात्राओं से कहा कि सोचना तो बड़ा सोचना, रोज लिखने की आदत डालो।