पीडीडीयू नगर। नगर के सामाजिक कार्यकर्ता ने अमृत योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने और उससे कनेक्शन देने के मामले में भ्रष्टाचार का आरोप नगर पालिका पीडीडीयू नगर के ईओ और जलकर विभाग के बाबू पर लगाया है। सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की थी, जिस पर आयोग की ओर से डीएम चंदौली को पत्र भेजकर प्रकरण में आठ सप्ताह के भीतर जांच कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। पीडीडीयू निवासी विकास शर्मा ने मानवाधिकार आयोग को भेजे गये पत्र में बताया कि नगर में अमृत योजना के तहत ओवरहेड टैंक बनाने, बोरिंग करने एवं पाइप लाइन बिछाने का कार्य करने के बाद कनेक्शन दिया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृत योजना के तहत कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था की ओर से अभी तक न तो बोरिंग का कार्य पूरा किया गया और न ही ओवरटेड टैंक का कार्य पूरा हुआ। यहां तक कि पाइप लाइन बिछाने का कार्य भी नहीं किया गया बल्कि नगर के विभिन्न वार्डो में बिछी पुरानी पाइप लाइन में चार हजार कनेक्शन अमृत योजना के नाम पर जोड़ दिये गये है। आरोप लगाया कि पूरा बिना पाइप लाइन बिछाये अमृत योजना के तहत कनेक्शन दिये जाने का खेल कार्य कार्यदायी संस्था, नगर पालिका ईओ और जलकर विभाग के बाबू की मिलीभगत से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूरे मामले में पानी की पाइप व मजदूरी बचाने के चक्कर में व्यापाक पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। पत्र मिलने के बाद मानवाधिकार आयोग की ओर से जिलाधिकारी चंदौली को आठ सप्ताह के भीतर पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया है।