पड़ाव के बहादुरपुर में गंगा में डूबने से बालक की मौत के बाद रोते बिलखते परिवार के लोग। संवाद
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पडाव । रामनगर थाना क्षेत्र के सूजाबाद स्थित शक्तिघाट पर छठ पर्व पर नदी में स्नान के दौरान एक युवक समेत तीन बालक गहरे पानी में डूबने लगे। नाविकों ने तीन को बचा लिया पर आर्यन (10) का कहीं भी पता नहीं चला। कुछ देर बाद आर्यन का शव बहादुरपुर गांव के समीप मछली मारने के जाल में फंसा मिला। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुग़लसराय कोतवाली क्षेत्र के मढ़िया निवासी विजय चौहान ऑटो चालक है। उनकी मां गायत्री देवी ने छठ व्रत किया था। सोमवार की सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के लिए वह अपने पूरे परिवार के साथ सूजाबाद स्थित शक्तिघाट गया था। इस दौरान उसका पुत्र आर्यन(10) समेत परिवार के अन्य बालक सुंदरम चौहान (10), प्रिंस चौहान (10) नदी में नहाने लगे। वहीं एक अन्य युवक भी स्नान करने लगा। नहाने के दौरान चारों लोग गहरे पानी में चले गये और डूबने लगे। वहां मौजूद लोग चारों को बचाने के लिए नदी में कूद गए। लोगों ने एक युवक समेत सुदंरम और प्रिंस को बचा लिया लेकिन आर्यन का कहीं पता नहीं चला सका। बालक के डूबने की सूचना मिलते ही सुजाबाद चौकी प्रभारी कुंवर अंशुमान सिंह व मुगलसराय कोतवाली प्रभारी संतोष श्रीवास्तव फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गये और गोताखारों की मदद से आर्यन की तलाश करने लगे। कुछ देर बाद आर्यन बहादुरपुर गांव के समीप मछली मारने के लिए लगाये गये जाल में फंसा मिला। इसके बाद परिवार वाले उसे वाराणसी स्थित शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय ले गये। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले शव लेकर लौटने लगे तो रामनगर पुलिस व मुगलसराय कोतवाली पुलिस ने शव रोक लिया और पोस्टमार्टम कराने की बात कहने लगे। हालांकि पिता ने बालक का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। बाद में मौके पर पहुंचे सीओ पीडीडीयू नगर अनिरुद्ध सिंह ने शव का पंचनामा कर उसे परिवार वालों को सौंप दिया। आर्यन की मौत के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। आर्यन की मौत के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। आर्यन के लिए सबसे अधिक उसकी दादी तड़प रही थी। उसकी दादी गंगोत्री देवी ने बताया कि परिवार के लोगों की दीर्घायु के लिए पिछले चालीस साल से छठ का व्रत करती चल आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान कहीं न कहीं उनसे गलती हुई है, जिससे चलते यह घटना घटित हुई। रोते बिलखते हुए गंगोत्री देवी कहती रही कि ‘हमसे का गलती हो गइल ए छठी माई, गंगा मईया जैसे हमरा बचवा के ले गइलू वइसे वापस कर दा।’ वृद्धा की करुण विलाप सुनकर आसपास खड़े लोगों के भी आंखों में आंसू आ गए। बालक आर्यन की मौत के बाद उसकी मां पूनम बार-बार बेसुध होकर गिर जा रही थी। पिता विजय चौहान ने रोते हुए कहा कि -काश, हम सबेरे छठ घाट पर नहीं जाते तो हमारा बच्चा आज बच गया होता। विजय की मां गंगोत्री देवी छठ कर रही थीं। रविवार की शाम विजय पत्नी पूनम चौहान, पुत्री मुस्कान (17) , पुत्र निखिल (14) और सबसे छोटे पुत्र आर्यन (10) के साथ छठ पूजा पर शक्तिघाट गए थे।
आर्यन चौहान, फाइलफोटो, संवाद- फोटो : CHANDAULI