पीडीडीयू नगर । चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में सीबीआई की टीम ने मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो चंदौली की कोर्ट में चार लोगों के खिलाफ दो हजार पन्ने की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें दो आरोपी चंदौली जिले के रहने वाले हैं। जबकि अन्य दो में से एक बांदा व दूसरा पटना के फतुहा का रहने वाला है। आरोप पत्र के अनुसार, बांदा और फतुहा के आरोपी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं।
न्यायालय में दाखिल आरोप पत्र के अनुसार, सीबीआई ने बताया कि टीम को चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में दो सितंबर 2021 को एक शिकायत मिली थी। इस मामले में जांच के बाद सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर पद पर कार्यरत बांदा निवासी रामभुवन व बिहार के पटना फतुहा निवासी अजीत कुमार के खिलाफ 29 अप्रैल 2022 को केस दर्ज किया था।
जांच के दौरान ओडिसा के राउरकेला में लोको पायलट के पद पर कार्यरत फतुहा निवासी आरोपी के यहां मोबाइल, लैपटॉप, हार्डडिस्क समेत अन्य सामान की जांच की गई । इस दौरान सीबीआई टीम के हाथ चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित फोटो और वीडियो लगे, जो कि बांदा के रहने वाले जूनियर इंजीनियर के मोबाइल पर भेजे गए थे।
जांच में यह भी तथ्य सामने आया कि दोनों लोग एक एप के माध्यम से एक दूसरे के साथ जुड़े थे। टीम को पता चला कि जनवरी 2015 और फरवरी 2016 में दोनों ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी से संबंधित वीडियो और फोटो साझा किए थे। जांच में सीबीआई के सामने दो अन्य लोगों के नाम सामने आए जो कि चंदौली के रहने वाले थे। सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में बताया कि इसमें चंदौली के रहने वाले अजय कुमार गुप्ता और अविनाश कुमार सिंह बच्चों का यौन शोषण कर उसकी फिल्म व फोटो बनाकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। इसमें एक आरोपी निजी इंस्टीट्यूट का मालिक है। सीबीआई की जांच में सामने आया कि जिले के रहने वाले दोनों आरोपी बच्चों को डरा, धमका कर व लालच देकर ऐसा कृत्य कराया करते थे। पॉक्सो न्यायालय के विशेष अधिवक्ता शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि सीबीआई की ओर से चार आरोपियों के खिलाफ दो हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है।