पीडीडीयू नगर। अक्षय पुण्य की चाह में मंगलवार को आंवले की पूजा अर्चना की गई। पूजन अर्चन के बाद कुष्मांड दान किया और आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन तैयार किया। इसके बाद पूरे परिवार संग भोजन किया। इस दौरान आंवले के नीचे पिकनिक जैसा माहौल रहा।कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी को आंवले की पूजा और गुप्त दान की अत्यधिक महत्ता बताई गई है। इस वर्ष उदय तिथि के अनुसार नवमी बुधवार को है लेकिन मंगलवार को दिन में नवमी तिथि होने की वजह से आज ही स्नान ध्यान और दान किया। सुबह स्नान ध्यान के बाद महिलाएं आंवला वृक्ष के समीप परिवार संग एकत्र हुई। यहां विधि विधान से आंवला की पूजा की। इसके बाद पुरोहितों को बुलाकर कुष्मांड ( सफेद कोहड़ा) में पैसा, गहने आदि डाल कर दान किया और अक्षय पुण्य की कामना की। इसके बाद महिलाओं ने भोजन तैयार किया और पूरे परिवार संग खाया। नगर के कैलाशपुरी शिव मंदिर, काली महाल स्थित काली मंदिर, शाहकुटी के साथ रेलवे कालोनियों में आंवले के नीचे पूजन अर्चन और भोजन बनाने वालों की भीड़ रही।