फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठंड बढ़ने के साथ ही परदेशी पक्षियों की बढ़ी आमद

विज्ञापन
विज्ञापन
चकिया। ठंड बढ़ने के साथ ही काशी वन्य जीव प्रभाग के पर्वतीय वन क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की आमद बढ़ गई है। प्रवासी पक्षियों के कलरव से विशाल जलाशय गुंजायमान हो गए हैं। प्रवासी पक्षियों की आमद के साथ ही पक्षियों के शिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। साइबेरिया के टूंड्रा और टैगा के अलावा अन्य ठंडे क्षेत्रों से प्रजनन के लिए हर वर्ष प्रवासी पक्षी गर्म क्षेत्र में आते हैं। प्रवासी पक्षियों की आमद के साथ ही पक्षियों का शिकार रोकने के लिए वन विभाग भी सतर्क हो गया है। एशिया के उत्तरी क्षेत्रों में ठंड शुरू होने से पक्षियों को कठिनाई होती है। इसलिए पक्षी अपेक्षाकृत गर्म देशों की ओर रुख करते हैं तथा विशालकाय जलाशयों में डेरा डालते हैं। साईबेरिया के ठंडे प्रदेश से शाबलर, फ्लेमिंगो, वानहेडगूज, लालसर, पिनटेल, कामनटील, स्काईटील, पोचार्ड सहित तमाम रंग-बिरंगे पक्षी पर्वतीय वन क्षेत्र में स्थित विशालकाय मूसाखाड़ नौगढ़, चंद्रप्रभा बांध तथा लतीफशाह के जलाशयों में डेरा डाल चुके हैं। प्रवासी पक्षियों के आने से विशालकाय जलाशयों में पक्षियों के कलरव सुनाई दे रहे हैं। प्रवासी पक्षियों का प्रजनन काल होने के कारण वे यही अंडे देकर अपने बच्चों को पालते हैं तथा गर्मी शुरू होते ही अपने स्थायी प्रवास स्थल की ओर रवाना हो जाते हैं। प्रवासी पक्षियों की आमद के साथ ही पक्षियों के शिकारी सक्रिय हो जाते हैं। प्रवासी पक्षियों के शिकार के लिए पूर्वांचल के तमाम जिलों से शिकारी वन क्षेत्र में आते हैं, जो कीट पतंगों के अंदर जहरीले चुग्गे बनाकर प्रवासी पक्षियों का शिकार करते हैं। डीएफओ आशुतोष जायसवाल ने प्रवासी पक्षियों के शिकरियों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। चंद्रप्रभा वन्य जीव बिहार के केयर टेकर चंद्रप्रभा रेंजर बृजेश पांडेय ने बताया कि वर्तमान में बांधों के जलाशयों में प्रवासी पक्षियों की आमद हो चुकी है। शिकारियों पर भी निगाह रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें