पीडीडीयू नगर। जैसलमेर से हावड़ा जा रही डाउन 12372 जैसलमेर एक्सप्रेस के पार्सल कोच में क्षमता से अधिक सामान लादे जाने की वजह से ट्रेन लड़खड़ाने लगी। ट्रेन के स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर कैरेज के कर्मियों ने इस स्थिति को देख कर अधिकारियों को सूचित किया। बाद में मंडलीय अधिकारियों की देख रेख में पार्सल कोच को खाली किया गया और इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया। इस दौरान ट्रेन ढाई घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही। अब रेलवे अधिक सामान लादने वाले लीज कंपनी पर जुर्माना लगाने की तैयारी में है। रेलवे ने पार्सल यान को लीज पर दे दिया है। ऐसे में निजी कंपनियां ट्रेनों के पार्सल यान में अक्सर क्षमता से अधिक सामान लाद देती है। इससे ट्रेन की चाल प्रभावित हो रही है। वहीं दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। शुक्रवार को जैसलमेर हावड़ा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय सुबह सवा छह बजे से साढ़े चार घंटे की देरी से स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या तीन पर पहुंची। यहां कैरेज विभाग की टीम ट्रेनों की जांच कर रही थी। इस बीच एसएसई एसएम शुक्ला पार्सल यान के पास गए तो कोच की स्प्रींग दबी मिली। जांच में पता चला कि कोच में क्षमता से अधिक सामान लादा गया है। उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। सूचना पाकर सीनियर डीएमई कैरेज श्रवण कुमार, पार्सल पर्यवेक्षक, स्टेशन अधीक्षक नरेन्द्र कुमार, स्टेशन निदेशक हिमांशु शुक्ला, सीएसजी अशोक अनिल आदि मौके पर पहुंच गए। जांच के बाद पार्सल कोच को खाली कराने का निर्णय लिया गया। आनन फानन में कर्मचारियों को लगाकर कोच के सामान को बाहर निकाला गया। इसके बाद ट्रेन को करीब एक बजे आगे के लिए रवाना किया गया। ढाई घंटे ट्रेन के स्थानीय स्टेशन पर खड़े रहने पर यात्री रेल प्रशासन को कोसते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि जैसलमेर से ही ट्रेन अधिक दब रही थी। इसकी शिकायत भी की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वाराणसी में दो घंटे ट्रेन खड़ी रही और अब यहां भी इतनी देर खड़ी रही। इससे त्योहार के समय घर पहुंचने में दिक्कत होगी। स्टेशन निदेशक हिमांशु शुक्ला ने बताया कि लीज कंपनी से जुुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।