चंदौली। परिषदीय स्कूलों में बिजली विभाग विद्युतीकरण के लिए तैयार नहीं है। जिले में करीब 11 फीसदी यानी सौ से अधिक स्कूलों में बिजली व्यवस्था नहीं होने से छात्रों को पठन-पाठन में परेशानी होती है। मिशन कायाकल्प के तहत कई स्कूलों में रंग रोगन और शौचालय निर्माण अंधूरा है। इस पर सीडीओ अजितेंद्र नारायण ने नाराजगी जताते हुए बीएसए और डीपीआरओ को जल्द प्रस्ताव तैयार कराकर कार्यों को पूर्ण कराने का निर्देश दिया। सीडीओ बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में मिशन कायाकल्प की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान सीडीओ ने परिषदीय विद्यालयों में शौचालय, रंगरोगन, पेयजल, टाइल्स, इंटरलाकिंग आदि के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। बीएसए भोलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों में तमाम विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसकी मानीटरिंग भी हो रही है। जहां कहीं दिक्कत होती है, वहां जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखकर बाधाओं को दूर कराया जाता है। हालांकि जिले के 11 फीसद विद्यालय मेन लाइन से 200 से 500 मीटर दूर हैं। इसके चलते शासन से मिलने वाली 6500 रुपये धनराशि में बिजली विभाग पोल गाड़ने और तार खिंचवाने में आनाकानी कर रहा है। सीडीओ ने कहा कि इसको लेकर एक दफा बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व जिला पंचायत राज अधिकारी के साथ बैठक कर लें। कोई न कोई बीच का रास्ता निकल जाएगा। जिलाधिकारी स्तर से बिजली विभाग को पत्र भेजवाया जाए। हर हाल में स्कूलों का विद्युतीकरण कराया जाना चाहिए। उन्होंने ब्लाक स्तर पर 76.39 व जनपद स्तर पर 60.71 फीसद स्कूलों के मासिक निरीक्षण पर भी नाराजगी जताई। कहा कि मानक के अनुरूप शिक्षा के साथ अन्य विभागों के अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करें। इसकी आख्या प्रेरणा एप्लिकेशन पर अपलोड की जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय होगी। इस दौरान जिला विकास अधिकारी पद्मकांत शुक्ला, डीपीआरओ ब्रह्मचारी दुबे, डीएसओ देवेंद्र प्रताप सिंह, ईओ राजेंद्र प्रसाद, संतोष सिंह, विजय प्रकाश यादव, ईओ एमलाल गौतम मौजूद रहे।