नौगढ़। क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाघी की एक वृद्धा को जमीन बैनामा कराने के नाम पर फर्जी चेक देने के आरोप में चकिया के मुंसिफ मजिस्ट्रेट के आदेश पर महिला शिक्षामित्र और अधिवक्ता सहित चार लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम पंचायत बाघी निवासी वृद्धा विमला देवी ने चकिया न्यायालय में वाद दर्ज कराया था कि मझगावा निवासी अधिवक्ता कृष्णानंद मौर्य ने अपनी पत्नी महिला शिक्षामित्र के नाम से जमीन बैनामा कराया और उसके एवज में फर्जी चेक दे दिया। वृद्धा ने बैंक में चेक को अपने खाते में भुगतान के लिए जमा कर दिया लेकिन दो सप्ताह बाद भुगतान लेने गई तो शाखा प्रबंधक ने बताया कि खाते में पैसा नहीं हैं, चेक बाउंस हो गया है। वृद्धा ने जानकारी के लिए आरटीआई का सहारा लिया तो बताया गया कि चेक फर्जी है। न्यायालय को विमला ने बताया कि उनकी तबीयत खराब थी। दवा कराने के लिए जमीन को अधिवक्ता की पत्नी के नाम नौगढ़ खास में एक लाख रुपए में बेचने की बात तय की थी। जमीन भी बैनामा हो गया लेकिन उन्हें पैसा नहीं मिला। जब दोबारा पैसा मांगने गई तो उनकी पत्नी ने दो हजार रुपये नगद दिए और बाकी पैसों के लिए कुछ दिन रुकने को कहा। बावजूद इसके बाकी पैसों के लिए वृद्धा को टालते रहे। पीड़िता का आरोप है कि उसने अधिवक्ता के विरुद्ध स्थानीय थाने में तहरीर दी थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। थक-हार कर उसने न्यायालय में वाद दाखिल कर इंसाफ की गुहार लगाई। मजिस्ट्रेट के आदेश पर नौगढ़ थाने में एड. कृष्णानंद मौर्य, केशनाथ, ममता देवी और ज्ञानचंद केशरी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।