फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रत्याशियों के रातों की नींद गायब, देर रात तक चल रहा प्रचार

विज्ञापन
विज्ञापन
कंदवा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब गिनती के चंद दिन शेष रह गए हैं। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है। प्रचार अभियान भी बढ़ता जा रहा है। प्रत्याशियों ने प्रचार प्रसार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मानो उनके आंखों की नींद गायब हो चुकी है। वे सुबह से लेकर देर रात तक प्रचार कर रहे हैं। जिले में तीसरे चरण में 26 अप्रैल को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत मतदान होना है। मतदान के लिए समय कम होने की वजह से प्रत्याशी अपने प्रचार के लिए सुबह घर से निकल जा रहे हैं। प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत के प्रत्याशी हर गली मोहल्ले और गांव- गांव में मतदाताओं तक हाथ जोड़ते पहुंच रहे हैं। वे हर मतदाता तक सीधे पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। प्रत्याशियों में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने की होड़ लगी है। कुल मिलाकर पंचायत चुनाव के मतदान की तिथि जैसे -जैसे नजदीक आ रही प्रत्याशियों के दिल की धड़कनें तेज होने लगी हैं और उनके आंखों की नींद भी गायब हो गई है। वे गर्मी व कोरोना संक्रमण के प्रसार के बावजूद भी देर रात तक गांवों में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। रात को सोते हुए लोगों को जगाकर उनके पांव पकड़ने व उनका हाथ सिर पर रखवा कर आशीर्वाद लेने की परंपरा भी चल रही है। सभी प्रत्याशियों ने 26 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए दिन-रात एक कर रखा है। चुनाव जीतने के लिए वे हर तरह का हथकंडा अपना रहे हैं। एक प्रत्याशी वापस लौट रहा है तब तक दूसरा प्रत्याशी भी पहुंच जा रहा है। गर्मी से बचने के लिए घरों में दुबके मतदाता प्रत्याशियों के वापस लौटने के बाद निर्वाचन आयोग व सरकार को कोसते नजर आ रहे हैं। मतदाताओं में चर्चा है कि ऐसा चुनाव आया है कि प्रत्याशी दिन तो दिन रात में भी चैन से सोने नहीं देते। अब मतदाताओं को कौन समझाए कि लाखों खर्च करने के बाद प्रत्याशियों को दोपहर को आराम व रात को नींद आए तो कैसे आए। इस चुनाव ने उनका दिन का आराम व रात की नींद दोनों को छीन लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें