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मनरेगा का पूरा नाम नहीं बता पाए अभ्यर्थी

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चंदौली। विकास भवन में शुक्रवार को अभ्यर्थियों का तीन सदस्यीय अधिकारियों ने साक्षात्कार लिया। इसमें मनरेगा के तहत कराए गए कार्यो की सोशल अडिट टीम के सदस्य के रुप चयनित होने के लिए आवेदक शामिल हुए। लेकिन इसमें मनरेगा का फुल फार्म पूछने पर अधिकांश अभ्यर्थी असफल रहे। जबकि कुछ अभ्यर्थियों ने अफसरों के सवाल सटिक जवाब देकर अपनी काबिलित साबित किया। जिले में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों की हकीकत परखने के लिए सोशल आडिट टीम का गठन किया जाना है। ब्लाक स्तर पर सात-सात टीमों का गठन किया जाएगा। इसको लेकर अभ्यर्थियों का साक्षात्कार किया जा रहा है। शुक्रवार को चकिया, शहाबगंज व धानापुर ब्लाक के अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। चकिया से 74, शहाबगंज 52 व धानापुर ब्लाक के लिए 67 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। पांच-पांच अभ्यर्थियों को एक-एक साथ बुलाकर चयन समिति ने सवाल पूछे। जिला विकास अधिकारी पदमकांत शुक्ला, समन्वयक सोनिया यादव व आइटीआइ प्रधानाचार्य जयप्रकाश ने अभ्यर्थियों से योजना से संबंधित सवाल पूछे। मसलन पांच सरकारी योजनाओं के नाम पूछे। प्रधानमंत्री आवास, मुख्यमंत्री आवास के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि के बाबत प्रश्न पूछकर उनकी योग्यता परखने की कोशिश की। हालांकि हद तक हो गई जब मनरेगा सोशल आडिट टीम का हिस्सा बनने के ईच्छुक अधिकांश अभ्यर्थियों को इसका फुल फार्म तक पता नहीं था। इस पर अधिकारियों ने अफसोस जताया। डीडीओ बोले, सोशल आडिट टीम के सदस्यों को विकास कार्यों की बारीकी से पड़ताल कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यह कार्य उतना आसान नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थियों को खुद को अपडेट करने की जरूरत है। यही स्थिति रहेगी, तो विकास कार्यों की पड़ताल कैसे करेंगे। इस दौरान विकास भवन में गहमागहमी रही।
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