कमालपुर। हाईकोर्ट के आदेश व जिला प्रशासन के निर्देश पर सकलडीहा तहसील प्रशासन ने बुधवार को धीना थाना क्षेत्र के पसाई गांव में सरकारी तालाब पर बने डेढ़ दर्जन से अधिक मकान पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज करा दिए। गांव निवासी हरबंश सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गांव के सरकारी तालाब पर बने अवैध कब्जे से मुक्त कराने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने इसे संज्ञान में लेकर जिला प्रशासन से मकान बनाकर अवैध रूप से किए गए कब्जे को हटाने का निर्देश दिया था।
सुबह 10 बजे एसडीएम सदर अजय मिश्र, सीओ रामवीर सिंह व तहसीलदार सुशील कुमार कई थानों की पुलिस फोर्स, दो प्लाटून पीएसी बल और तीन जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने तालाब की जमीन पर बने राजनाथ राजभर, नरेंद्र राजभर, अशोक खरवार, सारंगधर दुबे, रमेश खरवार, हरवंश गोंड, मिठाई खरवार, लालता राजभर, रामजन्म राजभर, कमला देवी, संतू राजभर, अच्छेलाल खरवार, लहरी खरवार, केदार सिंह, दिनेश सिंह, इब्राहिम, सदन यादव, अजित सिंह व गामा यादव के मकान को ध्वस्त करा दिया। इस दौरान धीना, कंदवा, धानापुर, बलुआ व सकलडीहा थाने की फोर्स सहित दो प्लाटून पीएसी के जवान मौजूद रहे।
मकान धराशाई होता देख बेहोश हुईं महिलाएं
प्रशासन द्वारा मकानों को धराशाई होता देख मकान स्वामियों में हड़कंप मचा रहा। अपनी आंखों के सामने अपना आशियाना गिरता देख कई महिलाएं अचेत होकर गिर गईं। मकान गिरता देख हरबंश गोंड की पुत्री पिंकी (20) और अशोक खरवार की पत्नी गीता (62) बेहोश हो गईं। मौके पर पहले से मौजूद एंबुलेंस से दोनों महिलाओं को जिला अस्पताल ले जाया गया। एसडीएम ने बताया कि इसके पूर्व भी दो बार अवैध कब्जा हटाया जा चुका है, पर पूरी तरह तालाब कब्जामुक्त नहीं हो पाया था।