चंदौली। जिले के परिषदीय विद्यालयों का सत्र बीतने के करीब आ गया है लेकिन अभी तक सभी किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंच पाई हैं। वहीं विभाग का दावा है 95 प्रतिशत किताबें जिला पुस्तक भंडार केंद्र से जनपद के सभी ब्लॉक समन्वय केंद्रों पर भेज दी गई हैं। इसके बावजूद अभी तक किताबों का वितरण नहीं हुआ है। वहीं कक्षा तीन की तीन विषयों की पुस्तकें अभी तक जिले में आई ही नहीं हैं।
जनपद के 1185 परिषदीय विद्यालयों में दो लाख 61 हजार से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों के लिए 16 लाख 31 हजार 92 पुस्तकों की आवश्यकता है। इसमें से शासन की ओर से लगभग 16 लाख 15 हजार पुस्तकें जिला पुस्तक केंद्र को भेज दी गई हैं जहां से सभी ब्लॉक समन्वय केंद्रों पर पुस्तकों को भेजने का क्रम जारी है। इसके बावजूद अभी तक स्कूलों में पुस्तकें न पहुंचना चिंता का विषय बना हुआ है।
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि पुस्तकें बीआरसी के माध्यम से बच्चों में वितरित की जा रही हैं लेकिन पुस्तकें अभी सभी बच्चों के हाथों तक नहीं पहुंच सकी हैं। इससे सत्र बीतने की कगार पर पहुंचने के बावजूद किताबें ना मिलना बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। वहीं कक्षा तीन के तीन विषयों की पुस्तकों का अभी तक जिले में नहीं पहुंचना सर्व शिक्षा अभियान को पलीता लगा रहा है। इस कक्षा के छात्र-छात्राओं को पुरानी किताबों से ही पढ़ना पढ़ रहा है।
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पुस्तकें बीआरसी को उपलब्ध करा दी गई हैं। वहां से पुस्तकों का वितरण बच्चों में किया जा रहा है। कक्षा तीन के तीन विषय की पुस्तकें आनी शेष हैं जिन्हें आते ही बीआरसी पर भेज दी जाएंगी। महेंद्र प्रसाद, जिला पुस्तक प्रभारी