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बोर्ड परीक्षा : केंद्र के मानक पर 33 राजकीय विद्यालय फेल

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ज्ञानपुर। जिले के 33 राजकीय विद्यालय बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के मानक पर फेल हो गए हैं। डीएम की गठित टीम के शुरुआती सत्यापन में ही राजकीय विद्यालय केंद्र बनने के रेस से बाहर हो गए हैं। किसी में चहारदीवारी नहीं है तो किसी में पर्याप्त संख्या में कक्ष, शौचालय और फर्नीचर का अभाव है। एक से दो दिन में शेष निजी एवं वित्तपोषित विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। जिले में तीन राजकीय इंटर काॅलेज सहित 38 राजकीय विद्यालय, 25 वित्तपोषित समेत कुल 193 माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में करीब 55 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। परीक्षा की तिथि तय हो चुकी है। 10 नवंबर तक स्कूलों ने केंद्र बनने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। अब तीनों तहसीलों में एसडीएम की अध्यक्षता में डीएम की गठित टीम विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कर संसाधन चेक कर रही है। सत्यापन की शुरुआत में ही 33 राजकीय हाईस्कूलों को केंद्र बनने की सूची से बाहर कर दिया गया है। ये विद्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद की तरफ से तय मानक को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। अब 100 से अधिक वित्तविहीन विद्यालयों का सत्यापन किया जा रहा है। इनमें भी कई विद्यालयों की छंटनी करीब-करीब तय है। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि 33 राजकीय विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। इससे इन्हें केंद्र बनना मुश्किल है। सोमवार तक सभी स्कूलों की सत्यापन रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद उसे परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के लिए कक्ष संख्या, परीक्षा कक्ष, बाउंड्री वॉल, पेपर स्ट्रांग रूम, गेट, दुरुस्त खिड़की, डबल लॉकर वाली अलमारी, एक्टिवेशन, डीवीआर, सीसीटीवी, रिकॉर्डर, राउटर, मॉनीटर, हाईस्पीड इंटरनेट की व्यवस्था होनी चाहिए। जहां-जहां ये सुविधाएं नहीं हैं, वे विद्यालय केंद्र नहीं बनेंगे।
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