पीडीडीयू नगर। भारतीय जनता पार्टी के विधायक और सांसद अपनी प्रतिष्ठा नहीं बचा सके। सोशल मीडिया पर पसीना बहाते हुए दिख रहे विधायक के क्षेत्र में भाजपा को सबसे कम मत प्रतिशत मिला है। यही हाल मंच पर केंद्रीय मंत्री को जीत दिलाने के लिए जोश भरने वाली महिला राज्य सभा सांसदों का भी रहा। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले और लगातार दो बार से भाजपा का ही विधायक देने वाले मुगलसराय में सपा ने बढ़त बनाई। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता माने जाने वाले डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय को मिले वाेटों का विधानसभावार समीक्षा करने पर चौकाने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। इसके आधार पर यही का जा सकता है कि सोशल मीडिया और सभाओं में तो इनके समर्थकों ने खूब दम दिखाया लेकिन उसे वोटों में तब्दील नहीं कर सके। भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले मुगलसराय विधान सभा भाजपा को वर्ष 2014 के चुनाव में भाजपा 40.26 प्रतिशत मत मिले थे जबकि समाजवादी पार्टी 24.60 प्रतिशत मत मिले थे। वहीं वर्ष 2019 में भाजपा को 36 प्रतिशत और समजवादी पार्टी को 33.83 प्रतिशत मत मिले। यहां से दो बार से भाजपा के ही विधायक हैं। मुगलसराय की पूर्व विधायक साधना सिंह राज्य सभा सांसद बन चुकी हैं। बावजूद इसके इस बार चुनाव में भाजपा को मात्र 23.14 प्रतिशत मत मिले जबकि समाजवादी पार्टी को 26.39 प्रतिशत मिले मिले हैं। यही हाल सैयदराजा विधान सभा का भी है। वर्ष 2014 में भाजपा 39.25 प्रतिशत मत मिले थे जबकि समाजवादी पार्टी 19.67 प्रतिशत, वहीं वर्ष 2019 में भाजपा को 27.94.22 प्रतिशत और समाजवादी पार्टी को 31.26 प्रतिशत मत मिले थे। यहां से सुशील सिंह दूसरी बार विधायक हैं। वहीं इसी क्षेत्र की दर्शना सिंह राज्य सभा सांसद हैं। बावजूद इसके इस बार के चुनाव में भाजपा को 22.99 प्रतिशत मत ही मिले जबकि समाजवादी पार्टी 23.39 प्रतिशत मित मिले हैं। सकलडीहा विधानसभा में भाजपा पहले से कमजोर मानी जाती रही है। वर्ष में भाजपा 36.08, वर्ष 2019 में 31.22 प्रतिशत और इस बार भाजपा 20.30 प्रतिशत मत प्राप्त कर सकी। जबकि सपा ने वर्ष 2014 में 26.19 प्रतिशत, वर्ष 2019 में 27.70 और इस बार के चुनाव में 26.53 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं।