सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ पर शुक्रवार को सर्पदंश एवं जानवरों के काटने के पश्चात एंटी रेबीज व एंटी वेनम उपचार के संबंध में जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है। लक्षणों की पहचान और समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है। बताया गया कि सर्पदंश के प्रमुख लक्षणों में दोहरी दृष्टि, आवाज का पतला होना, आंखें खोलने में परेशानी, सांस लेने में तकलीफ और बोलने में कठिनाई शामिल हैं। इन लक्षणों की पहचान होते ही तत्काल अस्पताल पहुंचना चाहिए। डॉ. जेपी गुप्ता ने सुरक्षा एवं बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि घरों में दीमक व मामियों से बचाव करें, अंधेरे में टॉर्च का प्रयोग करें और खेतों या वन क्षेत्रों में जाते समय जूते अवश्य पहनें। डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि नौगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले सभी मरीजों को निशुल्क एवं समुचित इलाज उपलब्ध कराया जाता है। बैठक में बीपीएम फार्मासिस्ट, एंबुलेंस 108 व 102 के ईएमटी चालक सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।