ुड़ाव के जलीलपुर नई बस्ती लाइन पार में जलनिकासी के लिए प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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पड़ाव। नियामताबाद विकास खंड अंतर्गत राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित जलीलपुर गांव के नई बस्ती लाइन पार इलाके में नाला अधूरा होने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे इलाके में गंदगी है। इससे नाराज होकर गांव के लोगों ने रविवार को गांव में ही प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नाली का निर्माण पूरा नहंी किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। जलीलपुर गांव को स्वच्छता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। बावजूद इसके वर्तमान में गाव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। गांव के नई बस्ती लाइनपार क्षेत्र में अधूरे नाले को आगे बढ़ाने के मांग की लेकर पिछले वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के पूर्व गांव के लोगों ने कार्य का बहिष्कार भी किया था। ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार की सूचना पर आनन-फानन में अधिकारियों ने नाले के बगल से कच्चा नाल जेसीबी से खुदाई कराई और मैटेरियल गिरा दिया गया। इस दौरान ग्रामीण शांत हो गए। चुनाव बीतने के बाद ठेकेदार मैटेरियल उठाकर चलते बने। गांव के लोगों ने सांसद, विधायक के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन नाला नहीं बना। इससे पानी निकासी नहीं हो पा रही है। वर्तमान में स्थिति यह है कि इस गांव की चार गलियों में सीवर का गंदा पानी भरा हुआ है। उसी पानी से होकर ग्रामीण अपने घरों तक जा रहे हैं। एक तरफ तो कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर दहशत है। इलाके को सैनिटाइज किया जा रहा है। दूसरी तरफ गांव में गंदगी से संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका है। इससे नाराज होकर गांव के लोगों ने रविवार को दिन में 11 बजे नाले के समीप खड़े होकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में विकास गुप्ता, दशरथ सेठ, बाबू देवांशी, गोपाल गुप्ता, संतोष सेठ, उर्मिला देवी, शारदा देवी रहे।