फ़ोटो- अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते मृत बंदी के परिजन। संवाद
सुइथाकला, जौनपुर। जिला कारागार में विचाराधीन बंदी अजीत गौतम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुआ हंगामा रविवार शाम चार बजे समाप्त हो गया। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई और सहायता राशि की मांग को लेकर करीब 18 घंटे तक शव को घर के दरवाजे पर रखकर प्रदर्शन किया। जानकारी मिलने पर एसडीएम शाहगंज कुणाल गौरव और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसडीएम ने पात्रता के आधार पर आवास, भूमि आवंटन और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद के लिए विधायक द्वारा पत्र लिखवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। रामपुर स्थित कुंवर नदी के तट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि महमूदपुर निवासी अजीत को चोरी के आरोप में जेल भेजा गया था, जहां शुक्रवार को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।