नियामताबाद। पीडीडीयू नगर तहसील में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक अधिवक्ता समाधान दिवस के दौरान अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने भाजपा विधायक की शह पर नगर में 24 घंटे शराब बिक्री का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि अमोघपुर गांव में 35 दिनों से गंदा पानी भरा हुआ है लेकिन कोई पुरसाहाल नहीं है। सीओ आशुतोष और एसडीएम आलोक कुमार के मान मनौवल करने के बाद अधिवक्ता शांत हुए।
पीडीडीयू नगर के काली महाल निवासी अधिवक्ता अभिषेक सिंह गौतम ने भाजपा विधायक पर 24 घंटे शराब बिक्री कराने का आरोप लगाया था। इसके बाद विधायक के प्रतिनिधि ने मुगलसराय थाने में अभिषेक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने पर तहसील पर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। आक्रोशित अधिवक्ता अभिषेक शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर तहसील पहुंचे और कपड़े उतार कर प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि अमोघपुर में 35 दिन से जलभराव के कारण 150 परिवार परेशान हैं। उन्होंने काली महाल में विधायक की शह पर 24 घंटे शराब की बिक्री का आरोप लगाया। कहा कि शराबियों के उत्पात से महिलाओं का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। कहा कि इसका विरोध करने पर विधायक प्रतिनिधि ने हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम आलोक कुमार ने समझा बुझाकर अधिवक्ता को शांत कराया।
वहीं, इस मामले में भाजपा विधायक रमेश जायसवाल का कहना है कि मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास है। शराब के व्यवसाय से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। अधिवक्ता के पास अगर मेरे खिलाफ सबूत हैं, तो वह कानूनी कार्रवाई करें।