वाराणसी। छात्र नेता के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने बिछिया, चंदौली निवासी आरोपी राकेश तिवारी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं, इस मामले में एक अन्य आरोपी धनईल, सैयदराजा निवासी विद्या तिवारी की विचारण के दौरान मौत हो जाने पर उसके खिलाफ सुनवाई समाप्त कर दी गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, गौरीशंकर सिंह ने मंडुवाडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसका छोटा बेटा अशोक कुमार सिंह काशी विद्यापीठ में शिक्षा मंत्री पद का प्रत्याशी था। विद्यापीठ के छात्र बिछिया, चंदौली निवासी राकेश तिवारी और उसका साथी धनईल, सैयदराजा निवासी विद्या तिवारी चुनाव प्रचार के लिए उसकी बाइक लेकर चले गए और चुनाव बाद वापस करने की बात कही थी। चुनाव बीतने के बाद भी बाइक नहीं लौटाई तो वह राकेश तिवारी के घर गया। राकेश उसे लेकर वहां से विद्या तिवारी के घर धनईल गया और वह वापस नहीं लौटा। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। ब्यूरो