चिरईगांव स्थित मां रेहड़ा भगवतीकी सजी झांकी। संवाद
नौगढ़। मां दुर्गा मंदिर तालाब पर बृहस्पतिवार की देर शाम नौ दिवसीय रामलीला का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक रामलीला का मंचन देखा।
रामलीला के पहले दिन राजा दशरथ को संतान न होने की व्यथा दिखाई गई। जब दशरथ ने पीड़ा व्यक्त की, तब गुरु वशिष्ठ ने उन्हें पुत्रेष्ठी यज्ञ की सलाह दी। तत्पश्चात् श्रृंगी ऋषि ने यज्ञ संपन्न कराया और वरदान दिया कि राजा दशरथ को चार पुत्र प्राप्त होंगे। इस प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और जयकारों से वातावरण गूंज उठा। रामलीला मंचन में कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय किया। इससे दर्शक कथा में डूब गए। मंचन के बीच-बीच में भक्तों ने भजन-कीर्तन का आनंद लिया। संवाद