पीडीडीयू नगर के काली मंदिर के सामने लगी दुकानें। संवाद
पीडीडीयू नगर।
नगर के मुख्य मार्गों पर फैला अतिक्रमण अब गंभीर रूप ले चुका है। हाल ये है कि नगर पालिका और पुलिस समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती हैं, लेकिन इसका स्थायी असर नहीं दिखता। हटाए गए ठेले और दुकानें कुछ ही दिनों में फिर उसी जगह लग जाती हैं। नगर के जीटीआर ब्रिज से नई बस्ती तक करीब दो किलोमीटर लंबे फुटपाथ पर 300 से अधिक ठेले, खोमचे और अस्थायी दुकानें लगी हैं। फुटपाथ पूरी तरह अवरुद्ध होने से रोजाना करीब 20 हजार पैदल चलने वाले लोग सड़क पर चलने को मजबूर हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यहां देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल पीडीडीयू जंक्शन स्थित है, जहां रोजाना लगभग 20 हजार बाहरी यात्रियों का आवागमन होता है। स्टेशन से निकलते ही मुख्य सड़क पर अतिक्रमण के कारण यात्री सीधे भीड़भाड़ और अव्यवस्था में फंस जाते हैं। कई बार वाहन और राहगीरों की टक्कर की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अतिक्रमण से स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें भारी वाहनों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। व्यस्त समय में राहगीरों को रास्ता बनाने में कई बार आधे घंटे तक लग जाता है।