नौगढ़। नक्सल प्रभावित जनपद के लिए योजनाओं की गंगा बहाने की बात करने वाले शासन-प्रशासन की बेरुखी ही कहेंगे, जिससे जनपद के घोर नक्सल प्रभावित ब्लाक नौगढ़ के किसानों का गेहूं एक माह बाद भी सरकारी नजरें इनायत होने के लिए तरस रहा है। आलम यह है कि एक माह से भी अधिक समय गुजर जाने के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद न होने से किसानों में जबरदस्त रोष व्याप्त है। वहीं खरीद का कार्य न होने से निराश किसानों ने अपनी मेहनत की उपज को बिचौलियों के माध्यम से औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। जबकि विगत एक पखवारे पूर्व हाट शाखा नौगढ़ स्थित गेहूं क्रय केंद्र के उद्घाटन के बाद उपजिलाधिकारी चकिया जितेंद्र मोहन सिंह ने पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान कहा था कि इस क्षेत्र में तीन गेहूं क्रय केंद्र खोले गए है, जिसमें दो सहकारी समितियों पर तथा एक हाट शाखा नौगढ़ पर है। जहां सिर्फ किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। दलालों, बिचौलियों व क्रय केंद्र पर लूट खसोट करने वालों पर पूरी पाबंदी रहेगी। क्रय केंद्रों पर बोरों व पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी, फिर भी आज तक गेहूं की खरीद शुरू न किए जाने से किसानों में रोष है। बता दें कि इसके पूर्व खरीफ के सीजन में भी किसान ठगी का शिकार हो चुके हैं। इस संदर्भ में जब हाट शाखा नौगढ़ के प्रभारी दीनबंधु सिंह यादव से जानकारी चाही तो उन्होंने बड़े ही बेरुखीपूर्वक जवाब दिया कि हाट शाखा नौगढ़ पर किसानों के गेहूं की खरीद होगी या नहीं यह मेरी मर्जी पर निर्भर करता है, क्योंकि मेरे लिए सबसे जरूरी है कोटेदारों को खाद्यान्न की आपूर्ति करना। किसान अपनी उपज का गेहूं कहीं भी ले जाकर बेचें। मेरे केंद्र पर लक्ष्य के सापेक्ष गेहूं की खरीददारी पूर्ण कर ली जाएगी।