फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के सरकारी अस्पतालों में रैबिज इंजेक्शन का टोटा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौली। जिला अस्पताल संग सरकारी अस्पतालों एंटी रैबिज इंजेक्शन का टोटा हो गया है। इससे कुत्ता काटने से पीड़ित लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों से निराश लौटकर लोगों को निजी चिकित्सकों के यहां महंगे दामों में इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है। सरकारी अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सेवा की उम्मीद में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को न केवल निराशा हाथ लगती है, बल्कि उन्हें चिकित्सकों व कर्मियों की लापरवाही से तमाम तरह की फजीहतों का सामना करना पड़ता है। जिला अस्पताल में शनिवार को कुत्ता काटने का इंजेक्शन लगाने के लिए लोग परेशान दिखे। कुत्ता काटने के बाद लगने वाले इंजेक्शन का जिला अस्पताल में एंटी रैबिज इंजेक्शन का अभाव है। मरीजों का कहना था कि आए दिन इस तरह की दुश्वारियों से हम सभी दो-चार होते हैं। शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर नहीं सुनते। अस्पताल में सुविधाओं की कमी से जिला के लोग को परेशानी उठानी पड़ती है। पिछले एक सप्ताह के कुत्ता काटने का एंटी रैबिज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। वहीं कही प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी कुत्ता काटने के बाद लगने वाला इंजेक्शन नहीं है। वहीं प्लास्टर कक्ष में समय से नहीं खुलता है। इससे हम लोगों को परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें