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हुसैन की याद में नम हुई आंखें.

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चंदौली। क्षेत्र के लौंदा गांव में कर्बला के शहीदों की याद में मोहर्रम के पचास दिन बाद पचासे का जुलूस सगीर के दरवाजे से निकला, जो गांव स्थित इमाम चौक पर पहुंचा। इस दौरान फर्शे अजा की महफिल सजी। जिसमें बाहर से आए अंजुमन अब्बासिया खिरौड़ी मिर्जापुर, अंजुमन सदाए हक कटेसर, पड़ाव, चंदौली, अंजुमन हैदरी कुड़ा कला चंदौली, अंजुमन अकबरिया कोलउन मिर्जापुर, अंजुमन सोगाई सैयदराजा चंदौली, डिग्घी, पचोखर आदि अजादार इमाम हुसैन की शहादत के गम में मातम करते नजर आए। इसके बाद जब नौहा व मजलिस को खिताब किया तो सैकड़ों की तादात में वहां मौजूद जायरीन रो पड़े। पचासे के दूसरे दिन भी गमगीन माहौल में गांव के कर्बला में अजादारों की भीड़ उमड़ी। सड़कों पर जहां इमाम हुसैन की अंजुमन जौव्वादिया का जुलूस निकला, वहीं पीछे मातम-ए-हुसैनी करने वालों की कतार लगी रही। इमामबाड़े पर ताजियों का दफन हुआ। इस दौरान जायरीनों ने जंजीर, ब्लेड का मातम किया। इमाम चौक से निकल कर जुलूस पूरे गॉव से होते हुए इमामबाड़े पहुंच कर समाप्त हुआ। अति संवेदनशील गांव में सुरक्षा बल भी तैनात रहे। इस मौके पर खुर्शीद प्रधान, एखलाक अहमद, मेराज अहमद, शमीम मिल्की, फिरोज अहमद, हाजी नुरूल हक, सद्दाम हुसैन, फरहान अहमद, फैजान अहमद, मामुन, हारीस, हारून, सैजू, आसिफ इकबाल, परवेज अहमद, शहनाज अहमद, अल्फाज अहमद, अशरफ जमाल, मोजीब मिल्की आदि उपस्थित थे।
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