चंदौली। वित्तीय वर्ष समाप्ति के मद्देनजर शुक्रवार और शनिवार को सरकारी विभागों ने कोषागार के माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया। सार्वजनिक अवकाश के बावजूद महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय खुले रहे और अधिकारी तथा कर्मचारी कंप्यूटर और फाइलों में उलझे नजर आए। बड़ी धनराशि का स्थानांतरण करने वालों में बेसिक शिक्षा विभाग, जिला विकास विभाग और नगर पंचायतें शामिल रहीं। वित्तीय वर्ष समाप्ति को देखते हुए शासन स्तर से प्रमुख कार्यालयों के अवकाश पहले ही रद्द कर दिए गए थे। कोषागार, उप निबंधक कार्यालय, बेसिक शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग आदि विभागों में कर्मचारी पूरे दिन फाइलों में उलझे रहे। कई विभागों को शासन स्तर से धनराशि जारी की गई तो कई कार्यालयों ने बकाए का भुगतान किया। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिषदीय विद्यालयों में जूते और मोजे के लिए लिबर्टी को 85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। जबकि जिला विकास विभाग द्वारा बिजली विभाग को 20 लाख 47 हजार और आरईएस को 43 लाख 84 हजार रुपये स्थानांतरित किए गए। वहीं शासन की ओर से नगर पंचायत चकिया में विकास कार्य हेतु 50 लाख प्राप्त हुए। जबकि अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मुगलसराय को 64 लाख रुपये की धनराशि दी गई। वरिष्ठ कोषाधिकारी सदन गोपाल मिश्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति को देखते हुए कार्यालय के कर्मचारियों को एलर्ट कर दिया गया था। लगभग सभी प्रमुख कार्यालयों की ओर से धन का स्थानांतरण किया गया।