चकिया। बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में अपेक्षित बरसात न होने के बावजूद किसानों की मांग पर 30 जुलाई सोमवार से कर्मनाशा सिस्टम की लेफ्ट तथा राईट कर्मनाशा नहरों में धान की रोपाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। पानी छोड़ने के लिए रविवार को मूसाखाड़ बांध से 1000 क्यूसेक पानी लतीफशाह बीयर में छोड़ा गया। वहीं चन्द्रप्रभा बांध सिस्टम की नहरों को चालू करने के लिए बांध में पानी का लेबिल 750 का होने पर ही विचार किया जाएगा। कर्मनाशा सिस्टम की नहरों को चलाने की किसानों की लगातार मांग को देखते हुए जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल तथा चन्द्रप्रभा प्रखण्ड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा के बीच विचार विमर्श के बाद 30 जुलाई से कर्मनाशा सिस्टम की लेफ्ट तथा राईट कर्मनाशा नहरों को चलाने का निर्णय लिया गया। नहरों को खोले जाने से चकिया, शहाबगंज तथा चन्दौली विकास खंड के बड़े रकबे की धान की रोपाई हो सकती है। डीएम तथा अधिशासी अभियंता की बैठक में चन्द्रप्रभा बांध का वाटर लेबिल 750 तक होने के बाद ही इस सिस्टम की नहरो को खोलने पर विचार हुआ।