चंदौली। गेहूं खरीद के बाद पीसीएफ की लापरवाही से साधन सहकारी समितियों से गेहूं का उठान में घोर लापरवाही बरतने के बाद अब खाद के उठान में भी गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है। तकरीबन आठ लाख रुपये की खाद में हेराफेरी का मामला संज्ञान में आने पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने जांच के आदेश दिए हैं। इससे पीसीएफ के अधिकारियों और ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। अप्रैल महीने में तकरीबन 13 हजार मीट्रिक टन खाद की पहली रैक आने के बाद अगस्त में मालगाड़ी से 27 सौ एमटी खाद की दूसरी रैक सरेसर में पहुंची थी। डीएपी और यूरिया आने के बाद उसे पीसीएफ को जिले की साधन सहकारी समितियों पर पहुंचाना था। विभागीय के लोगों का कहना है कि वहां उठान के दौरान 400 बोरी डीएपी यानी 20 टन खाद गायब हो गया। इसकी कीमत करीब आठ लाख रुपये बताई जा रही है। अब तक इसका कोई हिसाब किताब नहीं मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। डीएम नवनीत सिंह चहल ने मामला संज्ञान में आने पर इसके जांच के आदेश दे दिए हैं। निर्देश के बाद सरेसर में रैक से खाद गायब होने की जांच पड़ताल शुरू हो गई है। इसकी मिलान भी कराया जा रहा है। डीएम ने कहा कि इसकी जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।