नियामताबाद। गड़ई और चंद्रप्रभा नदी की खोदाई राजनीति और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। 350 करोड़ रुपये की इस परियोजना को बिना बजट स्वीकृति के ही शुरू कर दिया गया, जिसमें मानकों की भारी अनदेखी हो रही है। दूसरी तरफ, टेंडर होने के बावजूद जिले के 35 नालों की खोदाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है, जबकि मानसून सिर पर है। यह बात चंदौली के पूर्व सपा सांसद रामकिशुन यादव ने मानस नगर स्थित कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में कही। पूर्व सांसद ने आरोप लगाया कि गड़ई नदी की खोदाई के लिए मिर्जापुर में छह से अधिक पोकलेन मशीनें लगी हैं, जबकि चंदौली में सिर्फ एक-दो मशीनों से खानापूर्ति हो रही है। पिडखिड़ और भडे़वल में 11 मीटर चौड़ी नदी को मात्र आठ मीटर ही खोदा जा रहा है। भाजपा नेता इस अधूरी योजना का श्रेय लेने में जुटे हैं, जबकि जिला प्रशासन बाढ़ रोकने के बजाय सिर्फ बाढ़ राहत चौकियां बनाने में व्यस्त है।