मुगलसराय। भारतीय रेल दलित मजदूर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक मंगलवार को नगर स्थित कैंप कार्यालय में हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि रेल में दलितों पर बढ़ते अत्याचार एवं ठेका मजूदरों को न्यूनतम मजदूरी नहीं दिये जाने के विरोध में 26 फरवरी काशी से मुगलसराय तक न्याय यात्रा निकाली जाएगी। बीआरडीएमए के राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्र राम ने बताया कि रेलवे में ठेका मजदूरों को 359, 448 व 536 रुपये न्यूतम मजूदरी दिया जाना है। लेकिन अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत के चलते मजदूरों को उनका सही हक नहीं मिल पा रहा। आरोप लगाया कि दलित कर्मचारियों को बिना चार्जशीट के ही रिवर्ट किया जा रहा है वहीं दलित कर्मचारियों को रेलवे अस्पताल में ईलाज के लिए सिक मेमो नहीं दिया जा रहा है। कहा कि रेल के अधिकांश अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। श्रम मंत्रालय एवं रेल मंत्रालय के अनेक अध्यादेश जारी होने के बाद भी रेल में कार्यरत सफाई करने वाले, ट्रेनों में पानी भरने वाले, रेल लाईनों में ट्रैक मरम्मत करने सहित विभिन्न कार्यो में लगे ठेका मजदूरों को 150 रुपये से लेकर 200 रुपये तक मजदूरी दी जा रही है। शेष राशि आधिकारियों और ठेकेदारों के बीच बंट जाती है। इस दौरान देवनारायण चौहान, रामलच्छन, गोविंद, रीता देवी, सुशीला देवी, संतोष कुमार पाठक, राजकिशोर यादव, प्रमोद कुमार, केके रावत, द्वारिका सिंह, छोटेलाल, बाबी कुमारी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता संगठन के अपर महामंत्री शिवचंद कुमार ने की