चंदासी उपकेंद्र से जुड़े करीब 80 हजार उपभोक्ताओं में चोरी की बिजली जलाने वालों के खिलाफ विद्युत निगम लगातार अभियान चला रहा है। इस वर्ष अप्रैल से जुलाई माह तक चले जांच अभियान में चोरी की बिजली जला रहे 31 लोग पकड़े गए हैं। इनमें दो व्यवसायिक उपभोक्ता भी शामिल हैं। इन सभी से निगम ने 32 हजार रुपये शमन शुल्क जमा कराया है। साथ ही सभी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।
स्थानीय विद्युत निगम ने बिजली चोरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की ओर से तय किए गए बिजली चोरी को पकड़कर शमन शुल्क वसूलने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्थानीय बिजली निगम के अधिकारियों ने एसडीओ और जेई को टीम के साथ बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओं पर लगातार छापामारी कर बिजली चोरों पर जुर्माना करने के निर्देश दिए हैं।
लोड के सापेक्ष बिजली चोरी करने वालों पर है फोकस
पहले चंदासी सब डिविजन को बिजली चोरों की संख्या के अनुसार लक्ष्य दिया जाता था। ऐसे में बिजली कर्मचारी बिजली चोरों को पकड़ने पर कम राशि का जुर्माना करते थे लेकिन अब जुर्माने के हिसाब से लक्ष्य दिए जाने के बाद बिजली कर्मी अधिक लोड की बिजली चोरी करने वालों पर फोकस कर रहे हैं। सब डिविजन में प्रत्येक एसडीओ के अधीन चार-चार और सब ऑफिस पर दो-दो टीमें गठित की गई हैं।
इन इलाकों में ज्यादा होती है बिजली चोरी
चंदासी उपकेंद्र के एसडीओ मनोज कश्यप ने बताया कि उपकेंद्र से जुड़े चतुर्भुजपुर, कसाब महाल, काली महाल, शाहकुटी, चंदासी गांव, पथरा, महमूदपुर, ओड़वार सहित कुछ अन्य मोहल्लों में बिजली चोरी के मामले अधिक मिले हैं। इनके खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।