चकिया। छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय में रखने का फरमान शासन और प्रशासन ने तो कर दिया लेकिन अब ऐसे पशुओं की जान पर आ गई है। अस्थायी रूप से बने पशु आश्रयों में उचित रख-रखाव और चारे की समुचित व्यवस्था न होने से पशु वहां दम तोड़ने लगे हैं। चकिया नगर पंचायत के पशु चिकित्सालय परिसर में बनाए ागए पशु आश्रय केंद्र में गुरुवार को एक सांड की मौत हो गई। इसके कुछ दिन पूर्व एक पशु बछड़े की मौत भी हो चुकी है। मृत सांड को पशु चिकित्सक अनूप कुमार मिश्रा ने पीएम कराने के बाद नगर पंचायत कर्मियों से दफन करा दिया। पशु आश्रय केंद्र में कुछ दिन पहले से दो पशुओं की हालत गंभीर चल रही थी। इनमें एक बछड़े की कुछ दिनों पूर्व मौत हो गई। वहीं दूसरे को इलाज कर बचा लिया गया था। पशु चिकित्सक ने बताया कि प्लास्टिक खाने से पशुओं की मौत हुई है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर बेसहारा पशुओं की रखवाली के लिए अस्थाई रूप से पशु आश्रय केंद्र बनाया गया है। इसके लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई है। राज्य वित्त के माध्यम से इनके खानपान की व्यवस्था की जाती है। पशुओं की रखवाली के लिए नगर पंचायत के लेखा लिपिक राजनाथ सिंह व नायब मुहर्रिर इकराम खान को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही परिसर की साफ सफाई के लिए सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। कहा कि पशुओं को समुचित खानपान उपलब्ध कराने के लिए खाने की चरनी बनवाने के लिए विभाग के अवर अभियंता को पत्र भेजकर जल्द ही निर्माण करा दिए जाएगा।