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चुप्पी तोड़े, अधिकारों के प्रति हो सजग: सीडीओ

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चंदौली। ग्राम्या संस्थान की ओर से शनिवार को केवीके सभागार में संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें समाज में पुरुषों की तहत महिलाओं को भी भागीदारी देने पर चर्चा किया। घरेलू, नारी हिंसा के प्रति महिलाओं को जागरुक किया। बतौर मुख्य अतिथि सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। कार्यशाला के दौरान संस्था की निदेशक बिंदु सिंह ने बदलाव हेतु साझेदारी कार्यक्रम प्रदेश के अलावा पंश्चिम बंगाल के सौ से अधिक गांवों में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिला हिंसा रोकना, ड्राप आउट, लड़कियों की शिक्षा और चाइल्ड मैरेज को रोकना है। लखनऊ से आई हर्षिता ने हिंसा व जेंडर के मूद्दों पर अपने विचार रखे, कहा कि महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा होती है। किन्तु महिलाएं उसको किसी न किसी डर या दबाव के चलते दबा ले जाती। वहीं इन्ही कारणों के चलते लड़कों की अपेक्षा में लड़किया शिक्षा प्राप्त करने में पिछे छूट जाती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी डा. अभय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ग्राम्या संस्थान के द्वारा भेदभाव मिटाने के लिए जो प्रयास किया जा रहा है वह सराहनीय है। कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खुद सजग रहना होगा। इसके लिए उन्हे शिक्षित होना आवश्यक है। एएसपी प्रेम चंद्र ने कहा कि महिलाओं को किसी भी हिंसा से डरने की जरुरत नहीं है। वह घर बैठे ऑनलाइन प्राथमिकी दर्ज करा सकती है। कहा कि इसके अलावा भी सरकार की ओर कई योजनाएं और सेवाएं संचालित है। जिनके माध्यम से महिलाएं अपनी समस्या पुलिस के सामने रा सकती है। कार्यक्रम में नौगढ़ के 35 गांवों से आए 30 एनिमेटर व संस्था से जुड़ी दो सौ से अधिक महिलाओं ने अपने विचार साझा किया। कार्यक्रम का संचालन नीतू सिंह ने किया।
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