शिकारगंज। पर्वतीय वन क्षेत्र एवं चैबीसहा क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को और अधिक चुस्त दुरूस्त बनाने के लिए जागेश्वरनाथ उपकेन्द्र को चकिया के 132 केवी के विद्युत वितरण उपकेन्द्र से जोड़ा जाएगा। इस योजना क्रियान्वयन की जिम्मेदारी लार्सन एंड ट्रूबो को कंपनी को दी गई है। पावर कारपोरेशन के अधिकारियों की माने तो यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अगस्त माह के अंत तक यह परियोजना पूर्ण कर ली जाएगी। जागेश्वरनाथ उपकेंद्र को स्थापित करने के साथ ही इसे मिर्जापुर जनपद के पिरल्लीपुर विद्युत विरतण केंद्र से जोड़ा गया। लंबी लाईन होने कारण उपकेन्द्र को बिजली मिलने में तमाम तरह के अवरोधों का सामना करना पड़ रहा था। इससे नागरिकों को लंबे समय तक विद्युत अनापूर्ति से जूझने की विवशता थी। इस स्थिति को देखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना से जागेश्वरनाथ उपकेन्द्र में 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगाने तथा उपकेंद्र को चकिया विद्युत विरतण केन्द्र से जोड़े जाने के प्रस्ताव दिए गए थे। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद उपकेंद्र में 10 एमबीए का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। अब उपकेन्द्र को चकिया विद्युत वितरण केन्द्र से जोड़ने की कवायद शुरू की गई है। चकिया के उपखंड अधिकारी गोपाल सिंह के अनुसार 8 किलोमीटर की लंबी लाईन बिछाकर जागेश्वरनाथ उपकेंद्र को चकिया से जोड़ा जाएगा। इस लाईन को बिछाने के लिए 160 विद्युत खंभे लगाए जाएंगे। इन पर 1 करोड़ 35 लाख की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना के लिए काम शीघ्र शुरू होगा तथा दो माह के अंदर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।