पीडीडीयू नगर। चंदौली जिले में गर्मी बढ़ते ही अगलगी की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इस महीने आठ अप्रैल से 18 अप्रैल तक यानी 11 दिनों में 1976 बीघे 15,808 क्विंटल गेहूं की फसल आग से राख हो गई। इससे 500 से ज्यादा किसानों को तीन करोड़ 59 लाख 63 हजार 200 रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें से 200 से ज्यादा किसानों ने बैंक और किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेकर खेती की थी। चंदौली की 20 लाख की आबादी में 16 लाख से ज्यादा लोग खेती से जुड़े हैं। धान और गेहूं यहां की प्रमुख फसलें है। हर बार गर्मी में सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल आग से तबाह हो जाती है। इस वर्ष अप्रैल की शुरुआत में ही भयावह स्थिति है। मात्र 11 दिनों में 1976 बीघा फसल जल गई है। एक बीघा में 8-10 क्विंटल गेहूं की उपज होती है। न्यूनतम उपज आठ क्विंटल के भी आधार पर देखें तो 1976 बीघे की 15 हजार 808 क्विंटल गेहूं राख हो गया। इस समय गेहूं का सरकारी रेट 2275 रुपये है। इस तरह तीन करोड़, 59 लाख, 63 हजार 200 रुपये का हुआ।