पीडीडीयू नगर। मौसम में उतार-चढ़ाव होने से अभी तक तो किसानों के लिए कुछ राहत वाला था लेकिन अब मौसम की बेरुखी और पश्चिमी विक्षोभ ने किसानों पर भारी पड़ने लगी है। मगर अब बारिश और ओलावृष्टि हो गई तो काफी नुकसान पहुंचेगा। कारण कि अगैती बोवाई के गेहूं, जौ के साथ दलहनी तथा तिलहनी फसलें पकने के कगार पर पहुंच चुकी है। ऐसे में अब बारिश हो गई तो इसका असर फसल की पैदावार पर भी पड़ेगा और किसानों की गाढ़ी कमाई पानी में डूब जाएगी। मौसम विज्ञानी की मानें तो अभी 21 मार्च तक इसी तरह मौसम रहने का अनुमान है। इधर पिछले कई दिनों से मौसम में तेजी से उतार-चढ़ाव हो रहा है। रविवार को फिर आसमान में बादल छाए रहे और जगह-जगह हल्की बूंदें पड़ी। मौसम बदलने से इधर बीच तापमान में भी गिरवाट दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम 28 और न्यूनतम तापमा 18 डिग्री सेल्सियम पहुंच गया। जबकि 13 मार्च को 32 और 14 मार्च को 31 डिग्री अधिकतम तापमान पहुंच गया था। इधर बीच रोजाना मौसम का मिजाज बदलते देख अब किसानों को चिंताएं सताने लगी है। कंदवा क्षेत्र के अदसड़ गांव के किसान अनिल सिंह का कहना है कि अब बारिश हो गई तो काफी नुकसान हो जाएगा। दलहन और तिलहन की फसलें पकने के कगार पर है। ऐसे में फायदा काफी कम और बारिश से नुकसान अधिक है। असना गांव के रामउग्रह सिंह, खोर गांव के रामाश्रय चौहान कहते हैँ कि जिन खेतों में गेहूं की बोवाई काफी पीछे हुई है, बारिश से फायदा तो होगा मगर अगैती फसलें खराब हो जाएगी। ऐसे में बारिश से बहुत फायदा नहीं है। जलालपुर के किसान अशोक सिंह का कहना है कि मौसम का मिजाज पिछले कुछ दिनों से बिगड़ा हुआ है। अब बरसात हुई या ओले पड़े तो काफी नुकसान होगा और किसानों की तो कमर ही टूट जाएगी।