इलिया। नए साल के पहले दिन माल्दह गांव में पशु लदी डीसीएम से हुए हादसे के बाद पुलिस की सख्ती और निगरानी बढ़ने के बाद पशु तस्करों ने अब पैंतरा बदल दिया है। पशुुओं को अब इलिया, नौगढ़ और चकिया क्षेत्र से गांव की पगडंडियों के सहारे पैदल ही जिले की सीमा पार करा रहे हैं। पशु तस्करों का यह खेल अब पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। यह सब पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है मगर इन पर नकेल नहीं कस पा रही है। दरअसल माल्दह गांव में हुए हादसे के बाद डीएम नवनीत सिंह चहल और एसपी संतोष सिंह के निर्देश पर माल्दह पुलिया पर लोहे की दो गार्डर सड़क किनारे लगा दिए गए जिससे कि बड़े वाहन प्रवेश न कर सकें। इसके बाद पशु तस्करों ने भी पुलिस से दो कदम आगे बढ़ते हुए दूसरा रास्ता अपना लिया है। अब तस्कर झुंड में पशुओं को पैदल इलाके की पगडंडियों और गांव की सड़कों के सहारे बार्डर पार कर बिहार में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में पशु तस्ककरी पर रोक के लिए माल्दह पुलिया पर बने बैरिकेडिंग मात्र दिखावा साबित हो रही है। पश्चिमी यूपी सहित पूर्वांचल के वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही से पशुओं की खरीदारी कर पैदल ही उसे माल्दह गांव में लाकर अपने घर के सामने खूंटे पर बांध देते हैं और सुबह उस पशु की बिक्री कर दी जाती है। यह सिलसिलापिछले कई वर्षों से अनवरत जारी है। तब पशुओं को वाहनों से पार कराया जाता था लेकिन अब पुलिस का शिकंजा कसने और उनसे बचने के लिए पैदल ही बिहार बार्डर पार करा रहे हैं। एसपी संतोष सिंह का कहना है कि पशु तस्करी पर नकेल कसने के लिए सीओ और इंस्पेक्टर को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा उन तस्करों को भी चिह्नित किया जा रहा है जो इस धंधे में लिप्त हैं। उनकी तलाश की जा रही है ताकि इस पर कड़ाई से पाबंदी लगाई जा सके।