पीडीडीयू नगर। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन प्लांट डिपो शाखा के बैनर तले प्लांट डिपो कारखाना और कालोनी में व्याप्त समस्याओं के विरोध में रेल कर्मियों ने शुक्रवार की शाम मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रशासनिक कार्यालय के समक्ष विक्षोभ प्रदर्शित किया। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद कारखाना प्रबंधक स्तरीय 13 और मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के स्तर के आठ सूत्री ज्ञापन मुख्य कारखाना प्रबंधक को सौंपा। चेतावनी दी कि यदि कर्मचारी हितों का ख्याल नहीं रखा गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। ड्यूटी खत्म होने के बाद शाम पांच बजे रेलकर्मी प्लांट डिपो कारखाना गेट पर एकत्र हुए। यहां से कर्मचारी नारेबाजी करते हुए मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रशासनिक कार्यालय पहुंचा और सभा की। सभा की अध्यक्षता करते हुए शाखा अध्यक्ष राजकुमार यादव ने कहा कि कार्मिक विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त हो गया है। बिना सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं हो रहा है। ट्रैक मशीन अनुभाग में पुनर्संरचना एक सितंबर 2016 से लागू कर पदोन्नति दिया जाना था लेकिन दो वर्ष बाद भी प्रशासनिक हीलाहवाली से नीं किया गया। केंद्रीय संगठन मंत्री बीबी पासवान ने कहा कि कार्मिक अधिकारी अपने अनुचित क्रिया कलापों पर रोक नहीं लगाते और कर्मचारियों का शोषण बंद नहीं करते हैं तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। कहा कि सातवां वेतन आयोग के अनुसार ही समयोपरी भत्ता जुलाई 2017 से दिया जाना था लेकिन एक वर्ष तक पुराने रेट से भुगतान किया गया। इसके एरियर का भुगतान अभी तक नहीं हुआ। एसबी सिंह ने कहा कि ट्रैक मशीन कर्मचारियों के लिए लाइन में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं है। कर्मचारियों के लिए साइडिंग, बिजली, पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों को छोटी छोटी बातों पर चार्जशीट दिया जा रहा है और सस्पेंड किया जा रहा है। सभा में रेलवे कालोनियों की दुर्दशा पर भी चिंता व्यक्त की गई। बाद में मांगों के समर्थन में ज्ञापन मुख्य कारखाना प्रबंधक के प्रतिनिधि एक्सईएन पीडी आरके त्रिपाठी ने को ज्ञापन सौंपा। सभा में शंकर प्रसाद, केदार प्रसाद, एसपी सिंह, एके उपाध्याय, मोहन राम, शोभनाथ सिंह, डीपी द्विवेदी, बीबी सिंह, अमरेन्द्र कुमार, रमेश श्रीवास्तव, संजय कुमार, नंदलाल, जीत बहादुर थापा, संजय शर्मा, प्रभात कुमार, आईबी मिश्र, दयाशंकर सिंह, गोपाल कुमार, सुनील कुमार, ऋषिकेश यादव उपस्थित रहे।