विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को वाराणसी स्थित जिला कारागार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। इसमें प्राधिकरण के सचिव अमित कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि आपराधिक मुकदमों के निपटारे की जानकारी दी गई। इसमें अधिकतम सजा पांच वर्ष के लिए होती है। बताया कि दो महीने में सुनवाई पूरी नहीं होने पर मामले को संबंधित कोर्ट में भेज दिया जाता है और अभियुक्त के सजा स्वीकार करने की दशा में उसकी सजा आधा या उससे भी कम हो जाती है। इस दौरान सत्यनारायन कुशवाहा आदि मौजूद रहे।