चंदौली। अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव की फास्ट ट्रैक की कोर्ट द्वितीय ने दहेज हत्या के मामले में चार लोगों को दस वर्ष की सजा सुनाया है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं एक अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। धानापुर थाना क्षेत्र के कवई पहाड़पुर निवासी रामप्यारे यादव की पुत्री सुनीता उर्फ रेनू की शादी सदर कोतवाली के बनौली खुर्द गांव निवासी दीपक यादव से हुई थी। विगत नौ नवंबर 2016 को क्षेत्र के कटसिला के पास रेलवे लाइन के समीप रेनू का शव बरामद हुआ था। पिता रामप्यारे यादव ने मृतक के पति दीपक यादव, ससुर राजेंद्र यादव, सास प्रेमा देवी, ननद प्रतिमा यादव तथा देवर प्रदीप यादव पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान मृतका के पिता के द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए तथा पुलिस ने भी अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अरविंद कुमार यादव ने चार आरोपियों दीपक यादव, राजेंद्र यादव, प्रेमा देवी, प्रदीप के खिलाफ फैसला सुनाया। उन्होंने चारों को दस दस वर्ष की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। वहीं साक्ष्य के आधार पर मृतका की ननद प्रतिमा यादव को बरी कर दिया।