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बदहाल तार और खंभे के भरोसे बिजली आपूर्ति

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पीडीडीयू नगर। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था जर्जर तारों और खंभों के सहारे हो रही है। इसके चलते बिजली तारों के आपस में चिपकने से हाई वोल्टेज आपूर्ति तो कभी शार्ट सर्किट से गेहूं के खेतों और घरों में आग लग रही है। तारों के आपस में चिपकने से आए दिन बिजली आपूर्ति ठप हो जा रही है। बिजली विभाग का कहना है कि जर्जर तारों और खंभों को बदलने के लिए इस्टीमेट शासन को भेजा गया है लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हुई और न ही धन मिला है। इसका खामियाजा ग्रामीण और किसान भुगत रहे हैं। जिला मुख्यालय पर 22 से 24 घंटे और तहसील में 29-22 तथा ग्रामीण इलाके में 18-20 घंट आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। जिले में मुगलसराय विद्युत उपकेंद्र द्वितीय, चंदौली विद्युत वितरण केंद्र प्रथम और सकलडीहा विद्युत उपकेंद्र के सहारे बिजली आपूर्ति होती है। एक तरफ तो पर्याप्त और निरंतर बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है लेकिन जर्जर तारों और खंभों को बदलने की दिशा में कदम नहीं उठाया जा रहा है। जर्जर तारों और खंभों की वजह से लाइन लास की समस्या भी सामने आ रही है। विभाग की माने तो जर्जर तारों और खंभों की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में तीस प्रतिशत और शहरी इलाकों में 19 प्रतिशत लाइन लास हो रही है। बिजली के तार और खंभे काफी पुराने होने के कारण आए दिन फाल्ट की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे भी बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। मुगलसराय विद्युत उपकेंद्र पर आधारित चार सौ खंभे क्षतिग्रस्त हैं और इसे बदलने की जरूरत है। वहीं 110 किलोमीटर तक तार बदलने की जरूरत है। विभाग ने बिजनेश प्लान के तहत स्टीमेट बनाकर भेजा है और धन की मांग की है। यही हाल सकलडीहा और चंदौली विद्युत वितरण केंद्रों की भी है। इस वर्ष गर्मी में अब तक सौ से अधिक खेतों में अगलगी की घटनाएं हो चुुकी है। इसमें सर्वाधिक आग जर्जर तारों के आपस में सटने की वजह से हुई। बिजली विभाग के अधिकारियों की माने तो जर्जर तार और खंभों को बदल दिया जाए तो आपूर्ति व्यवस्था सुधर जाएगी।
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